14 - कांस्यकार शाखा का उदय
महाराजा सहस्त्रबाहु की उत्तर कालीन सन्तति एवं कांस्यकार शाखा का उदय Emperor of the North Carpet progeny and Shstrbahu Rise of Kansykar branch श्री मदभागवत पुराण के मतानुसार युद्ध में जो क्षत्रिय परशुराम जी से भयभीत होकर बिभिन्न पर्वत श्रेणियों में छिप गए थे उन समस्त क्षत्रियों को कश्यप मुनि के द्वारा सादर आमंत्रित किया गया, क्युकी शासन सूत्र सम्हालना ब्राम्हणों के वश की बात नहीं थी। श्री परशुराम जी द्वारा विजित एवं प्रदत्त राज्य कश्यप मुनि ने क्षत्रिय कुलों में बिभक्त कर दिए गए। सहस्त्रबाहु के वंसज जयध्वज को भी उनका राज्य उन्हें पुनः वापस कर दिया गया। जयध्वज ने अपनी राजधानी वार...