19 - त्रिपुरी राज्य के संस्थापक महाराजा कामदेव , रतनपुर का इतिहास
त्रिपुरी राज्य के संस्थापक महाराजा कामदेव (Tripuri Kingdom of Maharaja Cupid) उपरोक्त वंशावली का अध्ययन करते हुए हमें यह स्मरण रखना है कि अभी तक हैहय वंशी महाराजो की पौराणिक राजधानी महिस्मति और ऐतिहासिक राजधानी रतनपुर रही । अब जैसा की स्व0 डा0 भवानी प्रसाद तिवारी जी ने अपने एक लेख में लिखा है महाराजा कामदेव ने त्रिपुरी राज्य की नीव डाली, उन्होंने परम भट्टारक महाराजाधिराज परमेश्वर आदि उपाधियाँ धारित की। इस सन्दर्भ में यह देखना आवश्यक प्रतीत होता है इतिहास में जो त्रिपुरी के कल्चुरी प्रसिद्ध है, वे उसी हैहय वंशीय परंपरा से सम्बंधित है जिसमे महाराज मयूरध्वज, ताम्रध्वज , तथा अन्य आगे की पीढियां में रतनराज पृथ्वी देव , जाजल्ल देव इत्यादि प्रसिद्द राजा हुए। चूँकि कालांतर में इन नरेशो ने कलिंग देश का मद चूर किया है अतः हैहय वंशीय नृपतियों ने अपनी उपाधि कलचुरी धारण की " हैहय वंश विवरण सार " नामक ग्रन्थ में भी इस...