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23 - हैहय वंशियों की राजधानिया, बसाये गए नगर, ग्राम, स्मारक, संस्थान, निर्मित दुर्ग, राजप्रसाद, मंदिर, सरोवर, उद्यान आदि

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हैहय वंशियों की राजधानिया, बसाये गए नगर, ग्राम, स्मारक, संस्थान, निर्मित दुर्ग, राजप्रसाद, मंदिर, सरोवर, उद्यान आदि  प्रतिष्ठान पुर (इलाहाबाद)  हैहयवंशियो की सर्वप्रथम राजधानी होने का गौरव एवं सौभाग्य प्रतिष्ठान पुर को ही प्राप्त है। ग्रन्थ प्रणेता कुल श्रेष्ठ महाराजाधिराज हैहय कुल भूषन महाराज हैहय ने सर्वप्रथम प्रतिष्ठान पुर को अपनी राजधानी बनाई। आपके उपरांत युवराज धर्म्नेत्र एवं धर्म नेत्र के पुत्र कुंती देव ने भी प्रतिष्ठान पुर को राजधानी बनाये रखा। यह नगरी वर्तमान में "झूंसी" के नाम से प्रसिद्ध है जो इलाहबाद के पास गंगा नदी एवं यमुना नहीं के संगम पर दूसरी तरफ और ग्रांट ट्रंक रोड जो इलाहबाद के बीच से गुजरती हुई है के किनारे बसा हुआ है।  Pratisthan Pur or Pratisthan Puram was capital of the Lunar Dynasty (Chandra Vanshi), at present Jhusi,  Allahabad . This archeological site has yielded a carbon 14 dating of 7100 BC for its Neolithic levels. Today it lies on the eastern side of Allahabad, across the river Ganges and connected to the city by the Shastr...